सहारनपुर : प्रदेश के 78 हजार से अधिक उचित दर विक्रेताओं यानी कोटेदारों के लिए योगी सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने कोटेदारों के लाभांश में बढ़ोतरी करते हुए इसे ₹90 प्रति कुंतल से बढ़ाकर ₹125 प्रति कुंतल कर दिया है। इसके साथ ही सिंगल स्टेज डोर-स्टेप डिलीवरी के तहत ई-पॉस आधारित उचित दर विक्रेता फीडबैक प्रणाली की शुरुआत की गई है। सरकार के इस कदम से जहां कोटेदारों को आर्थिक राहत मिलेगी, वहीं राशन वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ने की उम्मीद है।

लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम का सीधा प्रसारण सोमवार को सहारनपुर कलेक्ट्रेट स्थित नवीन सभागार समेत जिले के विभिन्न स्थानों पर किया गया। कार्यक्रम में जिलाधिकारी अरविंद कुमार चौहान, विधायक प्रतिनिधि सारांश गुम्बर, अपर जिलाधिकारी प्रशासन संतोष बहादुर सिंह, जिला पूर्ति अधिकारी नीरज सिंह सहित संबंधित अधिकारी, जनप्रतिनिधियों के प्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक और जिले के उचित दर विक्रेता मौजूद रहे।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के 78 हजार से अधिक उचित दर विक्रेताओं के हित में लाभांश बढ़ाने की घोषणा की। अब कोटेदारों को प्रत्येक कुंतल पर ₹125 का लाभांश मिलेगा। इससे पहले यह राशि ₹90 प्रति कुंतल थी। सरकार के इस निर्णय को उचित दर विक्रेताओं के हित में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने सिंगल स्टेज डोर-स्टेप डिलीवरी व्यवस्था के अंतर्गत ई-पॉस आधारित उचित दर विक्रेता फीडबैक प्रणाली का भी शुभारंभ किया। इस व्यवस्था के माध्यम से राशन आपूर्ति और वितरण से जुड़ी प्रक्रिया की निगरानी अधिक प्रभावी तरीके से की जा सकेगी। साथ ही कोटेदारों की प्रतिक्रिया भी सीधे व्यवस्था को बेहतर बनाने में उपयोगी होगी। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के संबोधन के साथ उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक और खाद्य एवं रसद तथा नागरिक आपूर्ति विभाग के कैबिनेट मंत्री डॉ. मनोज कुमार पाण्डेय के संबोधन का भी सीधा प्रसारण किया गया।
सहारनपुर के जिलाधिकारी अरविंद कुमार चौहान ने लाभांश बढ़ाए जाने पर सभी उचित दर विक्रेताओं को बधाई दी। उन्होंने कहा कि सरकार का यह निर्णय कोटेदारों के हित में महत्वपूर्ण है। उन्होंने सभी कोटेदारों से शासन की मंशा के अनुरूप राशन वितरण व्यवस्था को पूरी पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ संचालित करने की अपील की।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि पात्र लाभार्थियों को निर्धारित मात्रा में खाद्यान्न उपलब्ध कराना कोटेदारों की जिम्मेदारी है। किसी भी लाभार्थी को शिकायत का अवसर नहीं मिलना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि राशन वितरण में अनियमितता, लापरवाही या किसी प्रकार की शिकायत सामने आने पर संबंधित के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि ई-पॉस आधारित फीडबैक प्रणाली लागू होने से राशन वितरण व्यवस्था की निगरानी और मजबूत होगी। वहीं, सिंगल स्टेज डोर-स्टेप डिलीवरी से खाद्यान्न की आपूर्ति और वितरण प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी तथा जवाबदेही तय करना आसान होगा। कार्यक्रम में मौजूद उचित दर विक्रेताओं ने लाभांश बढ़ाए जाने और नई फीडबैक प्रणाली शुरू किए जाने पर खुशी जताई। उन्होंने सरकार और मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया। नई व्यवस्था से उम्मीद है कि कोटेदारों के हितों की सुरक्षा के साथ पात्र लाभार्थियों तक राशन की निर्बाध और पारदर्शी पहुंच भी सुनिश्चित होगी।

